Tag: रूह हिंदी शायरी संग्रह

रूह शायरी – हुस्न की मल्लिका हो या साँवली

हुस्न की मल्लिका हो
या साँवली सी सूरत…

इश्क अगर रूह से हो
तो हर चेहरा कमाल लगता है…

रूह शायरी – अधूरे से रहते है मेरे

अधूरे से रहते है मेरे लफ्ज़ तेरे जिक्र के बिना,
जैसे मेरी हर शायरी की रूह तुम ही हो…