मुलाक़ात शायरी – कुछ चेहरे कभी भुलाये नहीं

कुछ चेहरे कभी भुलाये नहीं जाते,
कुछ नाम दिल से मिटाए नहीं जाते.
अब बात या मुलाक़ात हो या न हो…,
प्यार के चिराग कभी बुझाये नहीं जाते.

मुलाक़ात शायरी – कुदरत के करिश्मों में अगर

कुदरत के करिश्मों में अगर रात न होती
ख्वाबों में भी फिर उनसे मुलाक़ात न होती