Tag: मुफ़्लिस hindi shayari

मुफ़्लिस शायरी – सब खामोश हैं यहाँ कोई

सब खामोश हैं यहाँ कोई आवाज नहीं करता
सच कहकर किसीको कोई नाराज नहीं करता

इस कदर बिका है इंसान दौलत के हाथों कि
किसी मुफ़्लिस का चारागर इलाज नहीं करता

मुफ़्लिस शायरी – हम ने सब को मुफ़्लिस

हम ने सब को मुफ़्लिस पा के तोड़ दिया दिल का कश्कोल
हम को कोई क्या दे देगा क्यूँ मुँह-देखी बात करें

मुफ़्लिस शायरी – इस क़दर मुफ़्लिस हूँ मैं

इस क़दर मुफ़्लिस हूँ मैं जाँ को बचाने,
भूख में ख़ुद को चबाकर रह गया हूँ