Tag: जुदाई hindi poetry

जुदाई शायरी – ना शौक दीदार का, ना

ना शौक दीदार का,
ना फिक्र जुदाई की,
बड़े खुश नसीब हैं वो लोग …
जो मोहब्बत नहीँ करते…

जुदाई शायरी – तेरी हर अदा महोबत सी

तेरी हर अदा महोबत सी लगती है,
एक पल जुदाई भी मुदत सी लगती है,
पहले नही अब सोचने लगे है हम,
की हर लम्हा तेरी ज़रूरत सी लगती है,

जुदाई शायरी – ना मेरी नीयत बुरी थी…

ना मेरी नीयत बुरी थी… ना उसमे कोई बुराई थी…
सब मुक़द्दर का खेल था… बस किस्मत में जुदाई थी…

जुदाई शायरी – इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें

इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उस से मैं ने बेवफ़ाई की