Tag: चुनिंदा सज्दा शायरी इन हिंदी

सज्दा शायरी – ता अर्ज़-ए-शौक़ में न रहे

ता अर्ज़-ए-शौक़ में न रहे बन्दगी की लाग
इक सज्दा चाहता हूँ तेरी आस्तां से दूर

सज्दा शायरी – न नमाज़ आती है मुझ

न नमाज़ आती है मुझ को न वज़ू आता है
सज्दा कर लेता हूँ जब सामने तू आता है