Tag: चुनिंदा माशूक़ शायरी इन हिंदी

माशूक़ शायरी – शर्म समझे तेरे तग़ाफ़ुल को वाह

शर्म समझे तेरे तग़ाफ़ुल को
वाह क्या होशियार हम भी हैं

तुम अगर अपनी ख़ू के हो माशूक़
अपने मतलब के यार हम भी हैं

माशूक़ शायरी – हर नए तौर के नहीं

हर नए तौर के नहीं होंगे, इस नए दौर के नहीं होंगे,
आप बेख़ौफ़ बदलिये माशूक़, हम किसी और के नहीं होंगे..