Shero Shayari 2 Lines – ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ ये

ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ ये दोपहर की ज़र्दियाँ

अब आईने में देखता हूँ मैं कहाँ चला गया