Shayri 2 Line Mein – सवाल नोटबंदी पे बहस का नहीँ यारों

सवाल नोटबंदी पे बहस का नहीँ यारों

वो भी आग बुझाने चले आए हैं जिन्हें इल्म ही नहीं क़ि लगी कहाँ है