Shayri 2 Line Mein – मैं शीशा हूं तू पत्थर है

मैं शीशा हूं तू पत्थर है तू मेरा अहले मुकद्दर है

मैं जीयूंगा या मर जाउंगा ये फ़ैसला तेरे ऊपर है