Shayri 2 Line Mein – दर ओ दीवार इतने अजनबी क्यूँ

दर-ओ-दीवार इतने अजनबी क्यूँ लग रहे हैं

ख़ुद अपने घर में आख़िर इतना डर क्यूँ लग रहा है