New Hindi Shayari 2017 – न अब वो यादों का चढ़ता दरिया

न अब वो यादों का चढ़ता दरिया न फ़ुर्सतों की उदास बरखा

यूँही ज़रा सी कसक है दिल में जो ज़ख़्म गहरा था भर गया वो