Hindi Shayari 2 Line Mein – नहीं मांगता शजर ए

नहीं मांगता शजर-ए- अमीरी या खुदा,
मिलती रहे सबको रोटी ,ये दुआ मांगता हूँ!
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गैरों की खुशहाली से न हो जलन,
दिल में बस सब्र -ए- अरमां मांगता हूँ !!
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निकले न लब से बद्दुआ किसी के खातिर,
इरादे नेक और मुकम्मल इमां मांगता हूँ !!
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उजड़े न चैन – ओ- अमन किसी का और,
तेरे ख्वाबों का खुशनुमा जहाँ मांगता हूँ !!
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बँट गयी है दुनिया मजहबों में बहुत,
ऐ खुदा इंसानियत का एक कारवां मांगता हूँ !!
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नहीं होते इंसान बुरे , हालात बना देते हैं,
ऐसे बुरे हालातों का न होना मांगता हूँ