Category: Prerak Shayari

बेदर्द शायरी – दर्द लाख सही बेदर्द ज़माने

दर्द लाख सही बेदर्द ज़माने में
मगर जाता भी क्या है मुस्कुराने में…

मुफ़्लिस शायरी – सब खामोश हैं यहाँ कोई

सब खामोश हैं यहाँ कोई आवाज नहीं करता
सच कहकर किसीको कोई नाराज नहीं करता

इस कदर बिका है इंसान दौलत के हाथों कि
किसी मुफ़्लिस का चारागर इलाज नहीं करता

कफ़न शायरी – दुनिया बहुत मतलबी है साथ कोई

दुनिया बहुत मतलबी है
साथ कोई क्यों देगा

मुफ्त का यहाँ कफ़न नहीं मिलता
तो बिना गम के प्यार कौन देगा

ख़ुश्बू शायरी – इत्र से कपड़ो को महकाना

इत्र से कपड़ो को महकाना कोई बड़ी बात नहीं
मजा तो तब है जब ख़ुश्बू आपके किरदार से आये

तहज़ीब शायरी – बे-सलीक़ा ही होती हैं… नज़दीकियाँ

बे-सलीक़ा ही होती हैं… नज़दीकियाँ सदा…
तहज़ीब जो गर…होगी, तो…दरमियाँ फ़ासलें भी होंगें…