Category: 4 Lines Shayari

मुफ़्लिस शायरी – सब खामोश हैं यहाँ कोई

सब खामोश हैं यहाँ कोई आवाज नहीं करता
सच कहकर किसीको कोई नाराज नहीं करता

इस कदर बिका है इंसान दौलत के हाथों कि
किसी मुफ़्लिस का चारागर इलाज नहीं करता

माशूक़ शायरी – शर्म समझे तेरे तग़ाफ़ुल को वाह

शर्म समझे तेरे तग़ाफ़ुल को
वाह क्या होशियार हम भी हैं

तुम अगर अपनी ख़ू के हो माशूक़
अपने मतलब के यार हम भी हैं

दरमियाँ शायरी – दरमियाँ फासलों की उठती दीवार

दरमियाँ फासलों की उठती दीवार थी
और मेरे दिल की बनती मज़ार थी

फ़क्त मैं ही नहीं था कल बेचैन बहुत
कल तो शब भी बहुत बेक़रार थी

बेदर्द शायरी – इतना दर्द न दे मुझे,

इतना दर्द न दे मुझे, बेदर्द न हो जाऊ
तेरी हर खबर,फिर बेखबर न हो जाऊ
उम्र ही गुज़र जाती है एतबार करने मे
फिर कैसे टूट के अब मै बेफिक्र हो जाऊ

शरारत शायरी – जिस दिन बंद कर ली

जिस दिन बंद कर ली हमने आंखें.
कई आँखों से उस दिन आंसु बरसेंगे.
जो कहते हैं के बहुत तंग करते है हम..
वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे

गुलशन शायरी – सफर वहीं तक है जहाँ

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,

हजारो फूल है गुलशन मे मगर,
खूशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो..