Category: शब शायरी

शब शायरी – आँखों से तुझ को याद

आँखों से तुझ को याद मैं करता हूँ रोज़-ओ-शब
बेदीद मुझ से किस लिए बेगाना हो गया

शब शायरी – इसी उम्मीद पे काटा है

इसी उम्मीद पे काटा है ये पहाड़ सा दिन
कि शब को ख़्वाब में तू मुझपे मेहरबाँ होगा

शब शायरी – नहीं बचता नहीं बचता नहीं

नहीं बचता नहीं बचता नहीं बचता आशिक़
पूछते क्या हो शब-ए-हिज्र में क्या होता है

शब शायरी – कभी कभी तो ये वहशत

कभी कभी तो ये वहशत भी हम पे गुज़री है
कि दिल के साथ ही देखा है डूबना शब का