Mohabbat Shayari | Hindi Shayari | हमीं दिन-रात अगर तड़पे तो

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Mohabbat Shayari | Hindi Shayari | हमीं दिन-रात अगर तड़पे तो

Mohabbat Shayari In Hindi – Josh-E-Ulfat Shayari

उन्हें भी जोश-ए-उल्फ़त हो तो लुत्फ़ उट्ठे मोहब्बत का

हमीं दिन-रात अगर तड़पे तो फिर इस में मज़ा क्या है

अकबर इलाहाबादी

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फासले हो दरमियाँ
तो फैसले नही बदलते…
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मुहब्बत करने वालों के हौसले नही बदलते…

मुहब्बत शायरी – जो मुहब्बत में दर्द पाते

जो मुहब्बत में दर्द पाते हैं
उनके दिल में खुदा आते हैं

सोचकर हम कुछ नहीं कहते
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सिर्फ़ हाथ थामना मुहब्बत नही होता