Muddaton Ke Baad Dekha Tha To Aansu Aa Gaye – Gazab 2 Line Shayari By Firaq Gorakhpuri

तुम इसे शिकवा समझ कर किस लिए शरमा गए
मुद्दतों के बा’द देखा था तो आँसू आ गए

– फ़िराक़ गोरखपुरी

मुद्दत शायरी – वो मुझे भूल ही गयी

वो मुझे भूल ही गयी होगी…
इतनी मुद्दत कोई खफा नहीं रहता…

मुद्दत शायरी – कभी आना तुम मेरी गली

कभी आना तुम मेरी गली से होकर गुज़ारना
एक मुद्दत हो गयी मुझे ज़िन्दगी देखे हुए