Category: मुंतज़िर शायरी

मुंतज़िर शायरी – मुंतज़िर जिनके हम रहे उनको, मिल

मुंतज़िर जिनके हम रहे उनको,
मिल गए और हमसफ़र शायद

मुंतज़िर शायरी – तमाम उम्र रहे मेरा मुंतज़िर

तमाम उम्र रहे मेरा मुंतज़िर तू भी
तमाम उम्र मिरे इंतिज़ार को तरसे

मुंतज़िर शायरी – जो मुंतज़िर न मिला वो

जो मुंतज़िर न मिला वो तो हम हैं शर्मिंदा
कि हम ने देर लगा दी पलट के आने में..

मुंतज़िर शायरी – मेरी हर नज़र, तेरी मुंतज़िर तेरी

मेरी हर नज़र, तेरी मुंतज़िर
तेरी हर नज़र, मेरा इम्तिहान