Category: बेख्याली शायरी

बेख्याली शायरी – भीड़ से कट के न

भीड़ से कट के न बैठा करो तन्हाई में
बेख्याली में कई शहर उजड़ जाते हैं

बेख्याली शायरी – अजीब सी अफरा तफ़री है

अजीब सी अफरा तफ़री है मेरे दिल में,
लेकिन…
बेख्याली में भी तुम्हारा ही ख़याल रहता है