Category: जानाँ शायरी

जानाँ शायरी – सब कुछ बदल गया है

सब कुछ बदल गया है मगर लोग हैं ब-ज़िद,
महताब ही में सूरते-जानाँ दिखाई जाए

जानाँ शायरी – पैहम तवाफ़-ए-कूचा-ए-जानाँ के दिन गए पैरों

पैहम तवाफ़-ए-कूचा-ए-जानाँ के दिन गए
पैरों में चलने फिरने की ताक़त नहीं रही

जानाँ शायरी – मुद्दतों से यही आलम न

मुद्दतों से यही आलम न तवक़्क़ो न उम्मीद
दिल पुकारे ही चला जाता है जानाँ जानाँ…