Category: इजाज़त शायरी

इजाज़त शायरी – सारे जज़्बों के बाँध टूट

सारे जज़्बों के बाँध टूट गए,
उस ने बस ये कहा इजाज़त है..

इजाज़त शायरी – सब छोड़े जा रहे हैं

सब छोड़े जा रहे हैं आजकल हमें,
ऐ ज़िन्दगी तुझे भी इजाज़त है… “जा ऐश कर”

इजाज़त शायरी – इजाज़त हो तो तेरे चहेरे

इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के,
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा..

इजाज़त शायरी – है मुहब्बत हयात की लज़्ज़त,

है मुहब्बत हयात की लज़्ज़त, वरना कुछ लज़्ज़त-ए-हयात नहीं
है इजाज़त तो एक बात कहूं, वो, मगर, ख़ैर, कोई बात नहीं

इजाज़त शायरी – तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर

तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो