Category: आशिकी शायरी

आशिकी शायरी – आदत है या तलब इश्क है

आदत है या तलब
इश्क है या चाहत
तू दिल मे है या साँसों मे
तू दीवानगी है या मेरी आशिकी
तू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सा
पर जो भी है सिर्फ तू है

आशिकी शायरी – झुकाया तुने झुके हम बराबरी

झुकाया तुने झुके हम बराबरी ना रही,
ये बन्दगी हुई ऐ दोस्त आशिकी ना हुई

आशिकी शायरी – मैने ईश्क करने का मिजाज

मैने ईश्क करने का मिजाज बदल दिया है..
अब तो बस तन्हाईयों से आशिकी करते हैं..