Month: June 2022

इम्तिहाँ शायरी – राह में उस की चलें

राह में उस की चलें और इम्तिहाँ कोई न हो
कैसे मुमकिन है के आतिश हो धुआँ कोई न हो

बेदर्द शायरी – इतना दर्द न दे मुझे,

इतना दर्द न दे मुझे, बेदर्द न हो जाऊ
तेरी हर खबर,फिर बेखबर न हो जाऊ
उम्र ही गुज़र जाती है एतबार करने मे
फिर कैसे टूट के अब मै बेफिक्र हो जाऊ

लिबास शायरी – हंसी, मज़ाक, अदब, महफ़िलें… उदासियों के

हंसी, मज़ाक, अदब, महफ़िलें…
उदासियों के बदन पर लिबास कितने होते हैं

गुफ़्तुगू शायरी – ज़िंदगी भर तो हुई गुफ़्तुगू

ज़िंदगी भर तो हुई गुफ़्तुगू ग़ैरों से मगर
आज तक हम से हमारी न मुलाक़ात हुई