Month: September 2021

रवादारी शायरी – रवादारी निगाहों की बहुत होती

रवादारी निगाहों की बहुत होती है गर कुछ हो,
वरना, इशारे तो बुर्के के अंदर से भी बेबाक होते हैं

शरारत शायरी – जिस दिन बंद कर ली

जिस दिन बंद कर ली हमने आंखें.
कई आँखों से उस दिन आंसु बरसेंगे.
जो कहते हैं के बहुत तंग करते है हम..
वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे