Month: December 2017

मुहब्बत शायरी – फासले हो दरमियाँ तो फैसले

फासले हो दरमियाँ
तो फैसले नही बदलते…
भले ही मुशिकलें लाख हों इश्क की राह में
मुहब्बत करने वालों के हौसले नही बदलते…

मुलाक़ात शायरी – कुछ चेहरे कभी भुलाये नहीं

कुछ चेहरे कभी भुलाये नहीं जाते,
कुछ नाम दिल से मिटाए नहीं जाते.
अब बात या मुलाक़ात हो या न हो…,
प्यार के चिराग कभी बुझाये नहीं जाते.