Month: April 2017

आँगन शायरी – लाख गुलाब लगा लो तुम

लाख गुलाब लगा लो तुम अपने आँगन में,
जीवन में खुश्बू बेटी के आने से ही होगी..

तूफां शायरी – मुज़्तरिब हैं मौजें क्यूँ,उठ रहे

मुज़्तरिब हैं मौजें क्यूँ,उठ रहे तूफां क्यूँ
क्या किसी सफीने को, आरज़ू-ए-साहिल है

तहज़ीब शायरी – ज़ब्त तहज़ीब है मुहब्बत की…

ज़ब्त तहज़ीब है मुहब्बत की…
वो समझते हैं… बे-ज़ुबां हूँ मैं…