2 thoughts on “हिंदी शायरी – सपने अपलोड तो तुरंत हो

  1. नफरत!!!

    वजूद से तेरे अब नफरत होने लगी है मुझे,
    तू मेरा दिलबर ! मेरा जानी कभी हुआ करता था।
    तेरे बारे में क्यो अब मैं सोचना नहीं चाहती,
    क्यों तेरे चहरे से,तेरे अहसास से, तेरी मौजूदगी से नफरत सी होती है मुझे।
    मेरे लिए तो क्या था और क्या बन गया, ये तेरे ही सितम है और उन्हीं की मेहरबानी है।
    तू इंसान नहीं है, और ना ही कभी बन सकता है। और अब मैं चाहती भी नहीं की तू बने इंसान।
    बस अब तमन्ना इतनी है कि तू भी उन्हीं जानवरो के साथ रहे, जिनके जैसा तू है।
    सोचती हूं बदुआ दू तुझे पर इतने कम मैं तू निपट जाए ये गवारा नहीं मुझे।
    मेरे भी दिन आयेगे तेरे भी दिन आयेगे, बस उस दिन का इंतज़ार रहेगा।
    इंतज़ार की सजा का भी अपना मज़ा है गालिब ये भी हर किसी का नसीब नहीं होती।
    बस यही तो है नसीब अपना अपना।

  2. मेरी आँखो मे तुम बसती हो जान कि तरह मुझसे मत करो नफर दुस्मन कि तरह

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