हिंदी के शेर दो लाइन में – ये जिदंगी तमन्नाओं

ये जिदंगी तमन्नाओं का गुलदस्ता ही तो हैं

कुछ महकती हैं, कुछ मुरझाती हैं और कुछ चुभ जाती हैं