हिंदी के शेर दो लाइन में – इक इक पत्थर जोड़ के मैंने

इक इक पत्थर जोड़ के मैंने जो दिवार बनाई है

झाँकू उसके पीछे तो रुसवाई ही रुसवाई है ।।