शायरी २ लाइन में – सादगी हो लफ़्ज़ों में

सादगी हो लफ़्ज़ों में…तो यक़ीन मानिये…,

इज़्ज़त बेपनाह और दोस्त बेमिसाल मिल जाते हैं..