जल्वागरी शायरी – अपने इस जल्वा-गर तसव्वुर की जाँ-फ़ज़ा

अपने इस जल्वा-गर तसव्वुर की
जाँ-फ़ज़ा दिलकशी से ज़िंदा हूँ