ख़ुश्बू शायरी – रात भर सोचता रहा तुझको… ज़हन-ओ-दिल

रात भर सोचता रहा तुझको…
ज़हन-ओ-दिल मेरे रात भर महके…

तेरी ख़ुश्बू से सारा घर महके