Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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Tag: मंजर poetry in hindi

मंजर शायरी – बरस रहे बादल आँखे रो

बरस रहे बादल आँखे रो रही
तन्हाई हर बात कह रही
जाये तो कहा जाये
हर ओर गम की हवा चल रही
बड़ा अजीब मंजर है इश्क का
मर चुका मानस मगर साँस चल रही

मंज़र शायरी – पुराने शहरों के मंज़र निकलने

पुराने शहरों के मंज़र निकलने लगते हैं
ज़मीं जहाँ भी खुले घर निकलने लगते हैं

मैं खोलता हूँ सदफ़ मोतियों के चक्कर में
मगर यहाँ भी समन्दर निकलने लगते हैं

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