Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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Category: हरजाई शायरी

हरजाई शायरी – ये इनायत भी नही कम

ये इनायत भी नही कम मेरे हरजाई की
जख्म देता है मगर दाम नही लेता है…
जो कि रूसवाई से डरता तो है बहोत वो
वह मेरा नाम सरेआम नहीं लेता है…

हरजाई शायरी – मैं उसके रूप का शहदाई वो

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मैं उसके रूप का शहदाई
वो धूप – छाँव सा हरजाई
वो शोख का रंग बदलता है
मैं रंग रूप का सौदाई

हरजाई शायरी – वादा करके वो निभाना भूल

वादा करके वो निभाना भूल जाते है
लगा कर आग फिर वो बुझाना भूल जाते हैं
ऐसी आदत हो गयी है अब तो उस हरजाई की
रुलाते तो है मगर मनाना भूल जाते है

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