Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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रिफ़ाक़त शायरी – बे-हिसी शर्त ही ठहरी थी

बे-हिसी शर्त ही ठहरी थी रिफ़ाक़त में अगर
किस लिए करते रहे जाँ का ज़ियाँ तुम और मैं

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Updated: April 27, 2017 — 5:13 pm
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