Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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मुख़्तसर शायरी – कैसे क़िस्से थे कि छिड़

कैसे क़िस्से थे कि छिड़ जाएँ तो उड़ जाती थी नींद
क्या ख़बर थी वो भी हर्फ़-ए-मुख़्तसर हो जाएँगे

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Updated: January 5, 2018 — 4:47 pm
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