Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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मंसूब शायरी – गुज़ारिश अंधकार की है सिर्फ़,

गुज़ारिश अंधकार की है सिर्फ़,
रौशनियों में तेरा दीदार अब मंसूब कहाँ ?

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Updated: April 27, 2017 — 5:21 pm
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