Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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चराग़ शायरी – फिरता हूँ अपना नक़्श-ए-क़दम ढूँडता

फिरता हूँ अपना नक़्श-ए-क़दम ढूँडता हुआ
ले कर चराग़ हाथ में वो भी बुझा हुआ

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Updated: April 27, 2017 — 5:20 pm
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