Anmol Hindi Shayari

Shayari Collection In Hindi

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इम्तिहाँ शायरी – मुखातिब हैं साकी की मख्मूर

मुखातिब हैं साकी की मख्मूर नजरें,
मेरे ज़र्फ का इम्तिहाँ हो रहा है

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Updated: April 29, 2017 — 12:46 pm
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